'समृद्ध गाँव' परियोजना एवं 108 मंदिर निर्माण कार्यक्रम
गाँव ही गौशाला है • 5,000 गौवंश स्वावलंबी अर्थव्यवस्था • 108 पाषाण मंदिर • तुरी गाँव (पलामू) प्रथम मॉडल
'समृद्ध गाँव' परियोजना — गाँव ही गौशाला है
आज जब भारत के ग्रामीण युवा आजीविका के अभाव में शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं, तब मोहित पूनम रंजन ने एक नई दिशा दी है। उन्होंने सिर्फ एक अलग गौशाला बनाने की बजाय पूरे गाँव को ही “गौशाला ग्राम” में बदलने का संकल्प लिया है।
हर ग्रामीण परिवार को गौवंश से जोड़कर गाँव को एक संगठित दुग्ध, जैविक खाद, बायोगैस और प्राकृतिक खेती का आत्मनिर्भर केंद्र बनाना।
गाँव वीरान होने से रोकना और युवाओं को शहरों की ओर भागने से बचाकर गाँव के भीतर ही ₹25L–₹45L का स्थानीय व्यापार सृजित करना।
तुरी गाँव (हरिहरगंज, पलामू) को गोद लेकर श्रीआदिदेव चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा 5,000 गौवंश संवर्धन, बायोगैस प्लांट और कंपोस्टिंग यूनिट की स्थापना।
गौशाला — ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार (5,000 गौवंश मॉडल)
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) एवं APEDA (कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) के आधिकारिक मानकों पर आधारित आर्थिक अध्ययन:
| संसाधन / उत्पाद | उत्पादन मात्रा (5,000 गौवंश) | अनुमानित उपयोग व मूल्य | मासिक सामूहिक आय |
|---|---|---|---|
| बायोगैस / सीएनजी (MNRE मानक) | 50,000 किग्रा गोबर / दिन | 2,000 घन मीटर गैस — गाँव की शत-प्रतिशत बिजली व स्वच्छ ईंधन | ₹ 6,00,000 – ₹ 12,00,000 |
| उच्च गुणवत्ता जैविक खाद (APEDA मानक) | 25 – 30 टन कंपोस्ट प्रतिदिन | ₹5 – ₹8 प्रति किग्रा की दर से जैविक कृषि व निर्यात हेतु विपणन | ₹ 15,00,000 – ₹ 24,00,000 |
| गौमूत्र अर्क एवं जैविक कीटनाशक | 15,000 – 20,000 लीटर अर्क | प्राकृतिक खेती कीट-नियंत्रक एवं आयुर्वेदिक औषधीय घटक | ₹ 5,00,000 – ₹ 10,00,000 |
| कुल अनुमानित सामूहिक ग्रामीण आय (मासिक स्वावलंबन) | ₹ 26,00,000 – ₹ 46,00,000+ / माह | ||
108 पाषाण मंदिर निर्माण महाअभियान
माँ वैष्णो देवी के आशीर्वाद से भारत के 108 पावन स्थलों, वनांचलों और ग्रामीण अंचलों में सदियों तक अडिग रहने वाले नागर व द्रविड़ शैली के दिव्य पाषाण मंदिरों का निर्माण किया जा रहा है।
राजस्थान के गुलाबी बलुआ पत्थर और ग्रेनाइट से निर्मित नक्काशीदार स्तम्भ, भव्य शिखर, सभामण्डप और गर्भगृह।
प्रत्येक मंदिर के साथ नित्य महाप्रसाद अन्नक्षेत्र, जहाँ प्रतिदिन भूखों और श्रद्धालुओं को निशुल्क सात्विक भोजन प्राप्त होगा।
आने वाली पीढ़ियों को वेदों, सनातन इतिहास, योग एवं चरित्र निर्माण की शिक्षा देने वाले संस्कार केंद्र।
तुरी गाँव (हरिहरगंज, पलामू, झारखंड) — देश का प्रथम आदर्श 'गौशाला ग्राम'
श्रीआदिदेव चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा 108 मंदिरों के महा संकल्प का प्रथम मंदिर तुरी गाँव में निर्मित किया जा रहा है। इसके साथ ही संस्थापक मोहित पूनम रंजन ने तुरी गाँव को गोद लेकर संपूर्ण ग्राम को गौ-आधारित आत्मनिर्भरता का केंद्र बनाया है।
- अवस्थिति: तुरी गाँव, प्रखंड: हरिहरगंज, जिला: पलामू (झारखंड)
- प्रकल्प: 01/108 पाषाण मंदिर + 5,000 गौवंश संवर्धन + बायोगैस संयंत्र
- मीडिया कवरेज: दैनिक भास्कर एवं प्रभात खबर में प्रमुखता से प्रकाशित
- स्थिति: भूमि पूजन एवं आधारशिला का कार्य तीव्र गति से जारी
दैनिक भास्कर पलामू विशेष कवरेज
Maa Vaishno Devi ke Aashirwad se
सेवा, संस्कृति और संस्कार ही मंदिर निर्माण की सच्ची आत्मा हैं।
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