108 मंदिर निर्माण महाअभियान एक पावन व ऐतिहासिक संकल्प — प्रथम आदर्श 'गौशाला ग्राम' (तुरी गाँव, पलामू)
आइए, 108 मंदिरों के निर्माण के इस पवित्र संकल्प का हिस्सा बनिए और अपनी आस्था को एक अमर विरासत से जोड़िए।
आपका छोटा सा योगदान भी इस महान और पवित्र निर्माण यात्रा में एक बड़ा सहयोग बन सकता है।
प्रथम संकल्पित मंदिर (01/108) एवं आदर्श गौशाला ग्राम
जहाँ इस समय प्रत्यक्ष निर्माण कार्य एवं समृद्ध गाँव संवर्धन तीव्र गति से चल रहा है
तुरी गाँव पाषाण मंदिर एवं प्रथम आदर्श गौशाला ग्राम
ग्राम: तुरी, प्रखंड: हरिहरगंज, जिला: पलामू (झारखंड)
माँ वैष्णो देवी के आशीर्वाद से 108 मंदिरों में से प्रथम मंदिर का निर्माण तुरी गाँव में हो रहा है। इसके साथ ही संस्थापक मोहित पूनम रंजन द्वारा तुरी गाँव को गोद लेकर देश का पहला ‘गौशाला ग्राम’ बनाया जा रहा है, जहाँ 5,000 गौवंश संवर्धन, बायोगैस प्लांट और जैविक खाद कुटीर उद्योग स्थापित हो रहे हैं।
मंदिर निर्माण स्थल 24x7 लाइव CCTV दर्शन
तुरी गाँव, हरिहरगंज, पलामू (झारखंड) • प्रथम मंदिर (01/108) प्रत्यक्ष निर्माण स्थल से सीधा प्रसारण
108 मंदिर निर्माण सेवा श्रेणियां — 1-क्लिक में दान करें
अपनी सामर्थ्य और श्रद्धानुसार सेवा चुनें और प्रभु के पावन धाम के निर्माण में सहभागी बनें
1 पावन ईंट समर्पण
तुरी गाँव मंदिर की पाषाण नींव में 1 ईंट आपके परिवार के नाम से समर्पित होगी।
1 पावन शिला दान
मंदिर की दीवार एवं आधार स्तंभ हेतु 1 तराशी हुई पाषाण शिला का समर्पण।
स्तम्भ निर्माण सेवा
शास्त्रोक्त नक्काशीदार भव्य पाषाण स्तम्भ निर्माण में आपका पावन पारिवारिक योगदान।
गर्भगृह निर्माण सेवा
माँ भगवती एवं आदिदेव के परम पावन गर्भगृह के पाषाण आवरण निर्माण में सहयोग।
गौशाला एवं बायोगैस सेवा
तुरी गाँव में 5,000 गौवंश संवर्धन, 1 माह गौ-ग्रास एवं बायोगैस प्लांट स्थापना में सहभागिता।
संस्थापक संरक्षक सदस्य
मंदिर परिसर में स्थापित होने वाले पावन शिलापट्ट पर दानदाता एवं कुल गोत्र का स्थायी अंकन।
प्रमुख राष्ट्रीय समाचार पत्रों में श्रीआदिदेव महाअभियान
दैनिक भास्कर एवं प्रभात खबर में प्रमुखता से प्रकाशित तुरी गाँव मंदिर निर्माण व 'गाँव ही गौशाला है' संकल्प
“आदिदेव के देशभर में बन रहे 108 मंदिरों में से एक पलामू में बन रहा — गांव से गौशाला अवधारणा को मूर्त रूप दिखेगा”
पलामू भास्कर (10 फरवरी 2026) : तुरी गाँव में 108 मंदिर निर्माण के साथ-साथ पूरे गाँव को आदर्श गौशाला ग्राम बनाने का संकल्प।
फोटो पर क्लिक कर पूरा समाचार पढ़ें“आदिदेव मंदिर के साथ गांव को समृद्ध बनाने का संकल्प — तुरी गांव को गोद लेकर विकास कार्य: मोहित पूनम रंजन”
प्रभात खबर (12 फरवरी 2026) : गोबर गैस, सीएनजी, जैविक खाद एवं गौ-आधारित अर्थव्यवस्था से युवाओं को गाँव में ही रोजगार।
फोटो पर क्लिक कर पूरा समाचार पढ़ें'समृद्ध गाँव' परियोजना — गाँव ही गौशाला है
पलायन रोकने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के पुनरुत्थान हेतु मोहित पूनम रंजन का युगांतकारी मॉडल
गाँव को 'गौशाला ग्राम' बनाना
गायों को केवल एक चहारदीवारी तक सीमित न रखकर पूरे गाँव को गौशाला के रूप में विकसित करना। प्रत्येक ग्रामीण परिवार को गौवंश से जोड़कर दूध, जैविक खाद, बायोगैस और स्थानीय कुटीर उद्योग का केंद्र स्थापित करना।
पलायन रोकना व स्वावलंबन
आज रोज़गार के अभाव में युवा शहरों की झुग्गियों में जाने को विवश हैं और गाँव वीरान हो रहे हैं। गौ-आधारित अर्थव्यवस्था से गाँव के भीतर ही लाखों रुपये का चक्रीय व्यापार सृजित होता है, जिससे आत्मसम्मान व आर्थिक सुरक्षा मिलती है।
तुरी गाँव (पलामू) प्रथम मॉडल
झारखंड के पलामू स्थित तुरी गाँव को गोद लेकर श्रीआदिदेव चैरिटेबल ट्रस्ट ने 5,000 गौवंश संवर्धन, बायोगैस प्लांट, कंपोस्टिंग यूनिट एवं 01/108 पाषाण मंदिर का शिलान्यास किया है, जिसे पूरे देश में दोहराया जाएगा।
5,000 गौवंश संवर्धन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था का कायाकल्प
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) एवं APEDA के वैज्ञानिक मानकों पर आधारित विश्लेषण
| उत्पाद / संसाधन | दैनिक उत्पादन क्षमता (5,000 गौवंश) | उपयोग एवं मूल्य संवर्धन | अनुमानित मासिक ग्रामीण आय |
|---|---|---|---|
| बायोगैस / सीएनजी (MNRE मानक) | 50,000 किग्रा गोबर (प्रति गाय 10 किग्रा) | 2,000 घन मीटर गैस — गाँव की शत-प्रतिशत बिजली व स्वच्छ ईंधन | ₹ 6,00,000 – ₹ 12,00,000 |
| उच्च गुणवत्ता जैविक खाद (APEDA मानक) | 25 – 30 टन कंपोस्ट प्रतिदिन | ₹5 – ₹8 प्रति किग्रा की दर से जैविक कृषि व निर्यात हेतु विपणन | ₹ 15,00,000 – ₹ 24,00,000 |
| गौमूत्र अर्क एवं जैविक कीटनाशक | 15,000 – 20,000 लीटर अर्क | प्राकृतिक खेती कीट-नियंत्रक एवं आयुर्वेदिक औषधीय घटक | ₹ 5,00,000 – ₹ 10,00,000 |
| कुल अनुमानित सामूहिक ग्रामीण आय (मासिक स्वावलंबन) | ₹ 26,00,000 – ₹ 46,00,000+ / माह | ||
मोहित पूनम रंजन (Mohit Poonam Ranjan)
संस्थापक — श्रीआदिदेव चैरिटेबल ट्रस्ट एवं 108 मंदिर निर्माण महाअभियान
“जब गाँव आत्मनिर्भर बनेगा, तो भारत फिर से अपने असली स्वरूप में लौटेगा — जहाँ न कोई भूखा होगा, न कोई बेसहारा। 108 मंदिर केवल पूजा स्थल नहीं, बल्कि गाँव की संस्कृति, स्वावलंबन और एकता के जीवित केंद्र होंगे।”
आपका योगदान क्यों महत्वपूर्ण है?
धर्म, आस्था और सनातन संस्कृति के पुनरुत्थान में आपकी सहभागिता
108 मंदिर निर्माण
आपका योगदान 108 पाषाण मंदिरों के निर्माण और संबंधित शास्त्रोक्त निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने में सहायक है।
गौशाला ग्राम संवर्धन
तुरी गाँव जैसे आदर्श गाँवों में गौवंश संरक्षण, बायोगैस और जैविक खाद उत्पादन से किसानों को आत्मनिर्भर बनाना।
सांस्कृतिक संरक्षण
भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक अक्षुण्ण पहुँचाने का एक पावन प्रयास।
पारदर्शी सहभागिता
आप अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार इस महाअभियान में प्रत्यक्ष रूप से अपना पावन योगदान दे सकते हैं।
Maa Vaishno Devi ke Aashirwad se
माँ के आशीर्वाद और भक्तों की श्रद्धा से 108 मंदिर निर्माण का यह पवित्र संकल्प आगे बढ़ रहा है। हम सब मिलकर इस दिव्य यात्रा का हिस्सा बन सकते हैं।
आइए, अपनी आस्था को एक पवित्र निर्माण से जोड़िए।
हाल के समर्पित दानदाता (Live Devotees Wall)
देशभर से श्रद्धालु 108 मंदिर निर्माण महाअभियान में अपनी श्रद्धा अनुसार पावन आहुति दे रहे हैं
108 मंदिर निर्माण में अपना योगदान दें
आप अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार किसी भी राशि का योगदान दे सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
108 मंदिर निर्माण एवं समृद्ध गाँव महाअभियान से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर